कर्नाटक के ‘अक्षर संत’ हरेकाला हजब्बा को पद्मश्री सम्मान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों पद्म सम्मान पाने वाले 119 नागरिकों में कर्नाटक के हरेकाला हजब्बा सबसे अलग नजर आ रहे थे। हजब्बा मेंगलुरू बस अड्‌डे पर संतरे बेचते हैं। अंग्रेजी-हिंदी नहीं जानते। मगर अपने गांव हरेकाला-नेउपादपू में उन्होंने गरीब बच्चों के लिए स्कूल बनवाया। 10वीं तक के इस स्कूल में अभी 175 बच्चे पढ़ते हैं। हजब्बा ने सम्मान ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि वे 1977 से मेंगलुरू बस अड्‌डे पर संतरे बेच रहे हैं। 1978 में एक विदेशी ने उनसे अंग्रेजी में संतरे का दाम पूछ लिया। वे जवाब नहीं दे पाए। तभी ठाना गांव में गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ करेंगे। पैसे बचाकर पहले गांव की मस्जिद में बच्चों के लिए स्कूल खुलवाया। फिर अपनी बचत और लोगों के दान से गांव में जमीन खरीदी।
प्रदेश की 8 हस्तियों को पद्मश्री
पद्मश्री अवार्ड 2020
• रमजान खान (मुन्ना मास्टर) : जयपुर के बगरू के हैं। भजन गायक हैं।
• ऊषा देवी, अलवर : स्वच्छता
• हिम्मताराम भांभू, नागौर : पर्यावरण
• सुंडाराम वर्मा, सीकर : जलसंग्रहण
• उस्ताद अनवर खां, जैसलमेर : लोकगीत
पद्मश्री अवार्ड 2021
• लाखा खान, फलोदी, जोधपुर : लोक संगीत
• अर्जुन शेखावत, पाली : राजस्थानी साहित्य
• श्याम पालीवाल, राजसमंद पर्यावरण और जल संग्रहण

9 नवंबर : राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस

सभी नागरिकों के लिए उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए भारत में हर साल 9 नवंबर को राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस (National Legal Services Day – NLSD) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को मुफ्त, कुशल और कानूनी सेवाएं प्रदान करना है। यह कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का भी प्रयास करता है। इस दिन, कानूनी प्रणाली के संचालन को सुरक्षित बनाने और समानता के आधार पर लोगों की धार्मिकता को प्रोत्साहित करने के लिए देश भर में लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा, देश के प्रत्येक कमजोर नागरिक के प्रति मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कानूनी साक्षरता शिविरों और समारोहों का भी आयोजन किया जाता है।
राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस (National Legal Services Day – NLSD)
इसे समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने के लिए 1995 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शुरू किया गया था। यह महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, अनुसूचित जनजातियों (ST), बच्चों, अनुसूचित जातियों (SC), मानव तस्करी पीड़ितों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोगों को सहायता प्रदान करता है।

संकल्प गुप्ता बने 71वें भारतीय ग्रैंडमास्टर

संकल्प गुप्ता (Sankalp Gupta) 6.5 अंक हासिल कर भारत के 71वें ग्रैंडमास्टर बन गए हैं और सर्बिया के अरंडजेलोवैक (Arandjelovac) में जीएम आस्क 3 राउंड-रॉबिन इवेंट में दूसरे स्थान पर रहे हैं। महाराष्ट्र के इस खिलाड़ी ने टूर्नामेंट के दौरान 2500 एलो रेटिंग का आंकड़ा भी छुआ। जीएम का खिताब हासिल करने के लिए, एक खिलाड़ी को तीन जीएम मानदंडों को सुरक्षित करना होगा और 2,500 एलो पॉइंट्स की लाइव रेटिंग को पार करना होगा।

यूनेस्को‍ की क्रिएटिव सिटी ऑफ नेटवर्क में श्रीनगर शामिल

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस मौके पर ट्वीट किया और खुशी जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा ये काफी खुशी की बात है कि सुंदर श्रीनगर यूनेस्‍को की क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में शामिल हो गया है। इस लिस्‍ट में दुनिया भर के 49 शहर शामिल हैं। इस तरह इस नेटवर्क में 90 देशों के 295 शहर शामिल हो गए हैं। साल 2015 में केवल जयपुर (शिल्प और लोक कला), 2015 और 2017 में क्रमशः वाराणसी और चेन्नई (संगीत का रचनात्मक शहर) को रचनात्मक शहरों के लिए यूसीसीएन के सदस्यों के रूप में मान्यता दी गई है। इस सूची में मुंबई और हैदराबाद को अक्टूबर 2019 में शामिल किया गया था।

देश में 33 लाख बच्चे कुपोषित, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा

देश में 33,23,322 बच्चे कुपोषित हैं। इनमें से आधे से अधिक यानी 17,76,902 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं। इनमें सबसे अधिक बच्चे महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात में हैं। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक आरटीआइ के जवाब में दी है। देश में कुपोषित बच्चों की सबसे अधिक संख्या 6,16,772 महाराष्ट्र में है। यहां 1,57,984 बच्चे अल्प कुपोषित और 4,58,788 बच्चे गंभीर कुपोषित हैं।
यहां सबसे ज्यादा कुपोषित
राज्य कुपोषित बच्चे
महाराष्ट्र 6.16 लाख
बिहार 4.75 लाख
गुजरात 3.20 लाख
आंध्र प्रदेश 2.67 लाख
कर्नाटक 2.49 लाख

9 नवंबर: उत्तराखंड दिवस

हर साल 9 नवंबर को उत्तराखंड दिवस मनाया जाता है। इसे उत्तराखंड दिवस या उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस भी कहा जाता है। 1994 में, एक अलग राज्य की मांग ने पूर्ण रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप एक जन आंदोलन हुआ जिसके परिणामस्वरूप 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ। इसे “देवताओं की भूमि” या “देव भूमि” के रूप में जाना जाता है। इसकी स्थापना के समय इसका नाम ‘उत्तरांचल’ रखा गया था। बाद में 2007 में इसका नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया। राज्य की राजधानी देहरादून है। राज्य का उच्च न्यायालय नैनीताल में स्थित है।
राज्य जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में बंगाल टाइगर की मेजबानी करता है। नंदा देवी क्षेत्र यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। यह क्षेत्र फूलों की दुर्लभता के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड के मूल निवासी उत्तराखंडी, कुमाऊंनी और गढ़वाली हैं। उत्तराखंड में भारत में किसी भी अन्य राज्य की सामान्य श्रेणी की जाति (उच्च जाति) की संख्या सबसे अधिक है। उत्तराखंड की जातीय जनजातियाँ जौसरी, थारू, भोटिया, बुक्सा, जाड, राजी और बनारावत हैं।

दिल्ली सरकार ने शुरू की श्रमिक मित्र योजना

मनीष सिसोदिया ने कहा कि 800 श्रमिक मित्र निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के घरों तक जाएंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम करेंगे। सरकार की योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी भी मुहैया कराएंगे. सिसोदिया ने कहा कि सरकार 800 के करीब श्रमिक मित्रों को तैयार करेगी। श्रमिकों को दिल्ली सरकार से मिलने मिलने वाली सहायता के अंतर्गत घर निर्माण के लिए 3 लाख से 5 लाख रुपए, मातृत्व लाभ में 30 हजार रुपए, टूल खरीदने के लिए 20 हजार रुपए का लोन और 5 हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी।

विश्व किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की तजामुल इस्लाम ने जीता स्वर्ण पदक

13 वर्षीय तजामुल इस्लाम (Tajamul Islam) भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली कश्मीरी लड़की है और मिस्र के काहिरा में आयोजित विश्व किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में अंडर -14 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। फाइनल में इस्लाम ने अर्जेंटीना की ललीना (Lalina) को हराया। उनका जन्म उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के एक सुदूर गांव तारकपोरा (Tarkpora) में हुआ था। तजामुल बेटी बचाओ बेटी पढाओ (Beti Bachao Beti Padhao – BBBP) योजना की ब्रांड एंबेसडर भी हैं।

अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाली पहली चीनी महिला एस्ट्रोनॉट बनीं वांग यापिंग

चीन की वांग यापिंग अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाली पहली चीनी महिला बन गई हैं। वे सहयोगी के साथ चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन तियान से बाहर निकलीं और साढ़े 6 घंटे तक वॉक किया। चीन ने 3 अंतरिक्ष यात्रियों को 6 माह के लिए अंतरिक्ष स्टेशन का काम पूरा करने के लिए भेजा है।

चीन ने दुनिया का पहला पृथ्वी विज्ञान उपग्रह “गुआंगमु” लॉन्च किया

चीन ने उत्तरी शांक्सी प्रांत के ताइयुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर (Taiyuan Satellite Launch Center) से दुनिया का पहला पृथ्वी-विज्ञान उपग्रह, गुआंगमु (Guangmu) या एसडीजीसैट -1 अंतरिक्ष में लॉन्च किया है। उपग्रह को चीनी विज्ञान अकादमी (Chinese Academy of Sciences – CAS) द्वारा लॉन्च किया गया था और सतत विकास लक्ष्यों (सीबीएएस) के लिए बिग डेटा के अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया था। गुआंगमु को लॉन्ग मार्च -6 वाहक रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया था जो कि 395 वां उड़ान मिशन है। SDGSAT-1 सतत विकास के लिए UN 2030 एजेंडा के अनुसार अनुकूलित पहला उपग्रह है जिसे शांति और समृद्धि के लिए 17 SDG के साथ 2015 में अपनाया गया था।

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