राष्ट्रीय लोक सेवा दिवस : 21 अप्रैल

भारत में 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस (Civil Service Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य सिविल सेवकों के प्रयासों और कार्यों को प्रेरित करना है। इस दिन 1947 में, सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhai Patel) ने प्रशासनिक सेवाओं के पहले बैच के परिवीक्षकों को संबोधित किया था। हालाँकि, 2006 में पहली बार यह दिवस मनाया गया था। सिविल सेवा दिवस पर, भारत के विभिन्न अधिकारियों को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (Prime Minister’s Awards for Excellence in Public Administration) प्रदान किये जाते हैं।

बिजली के 34 हजार मेगावॉट प्रोजेक्ट के लिए खोली रियायतों की पोटली

राज्य में अक्षय ऊर्जा (सौर, विंड व हाइब्रिड ऊर्जा) के 1.64 लाख करोड़ रुपए के बड़े निवेश प्रोजेक्ट पर सरकार ने रियायत का पिटारा खोल दिया है।
अडानी ग्रीन एनर्जी, रिन्यू पॉवर, ग्रीनको एनर्जी व जेएसडब्ल्यू (जिंदल ग्रुप) को चार तरह की अतिरिक्त रियायत दी गई है। इसमें भूमि सुरक्षा राशि से लेकर राज्य के हिस्से की जीएसटी राशि का हिस्सा लौटने सहित अन्य छूट शामिल है। चारों कम्पनी यहां 34 हजार 200 मेगावॉट विद्युत उत्पादन क्षमता के सौर और विंड एनर्जी के पार्क, प्लांट लगाएगी। बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई है । सूत्रों के मुताबिक राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम में ऐसे ही बड़ी कंपनियों के दो और प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इन्होंने भी ऐसी ही रियायत की जरूरत जताई है।

राजस्थान के मशहूर फुटबॉलर अजीज पठान का निधन

राजस्थान के मशहूर फुटबॉलर अजीज पठान का निधन हो गया। जिला फुटबॉल संघ के पूर्व सचिव अब्दुल जब्बार ने बताया कि पठान ने एजी राजस्थान के लिए 20 वर्ष तक फुटबॉल खेली। वे राइटफुल की पोजिशन पर खेलते थे। अपने समय के फुटबॉल दिग्गजों में शुमार पठान ने सिटी क्लब और यूनियन क्लब का भी नेतृत्व किया। सभी फुटबॉल प्रेमियों ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में दो मिनट का मौन रख कर अजीज पठान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

विश्व प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2021

भारत पत्रकारिता के लिहाज से दुनिया के सुरक्षित देशों में शुमार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के गैर लाभकारी संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की ओर से जारी विश्व प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2021 में भारत की रैंकिंग पिछले वर्ष की तरह 142 ही है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व के सबसे अधिक खतरनाक देशों में है, जहां पत्रकारों को अपना काम सुविधाजनक तरीके से करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, ब्राजील, मैक्सिको और रूसके साथ ‘खराब’ श्रेणी में है। 2004 में यूपीए सरकार सत्ता संभाली तो भारत की रैंकिंग 120 थी, जो 2005 में 106 तक आ गई। वहीं, 2014 में यूपीए की सत्ता जाने तक रैंकिंग गिरकर 140 तक पहुंच गई थी। हालांकि, यूपीए शासनकाल के दौरान 2006 व 2009 में 105 तक भी आ गई थी।
इस कारण लगी गिरावटः यूपीए शासनकाल के अंतिम दौर में वर्ष 2013 और 2014 में भारत की रैंकिंग 140 तक गिर गई। आरएसएफ के अनुसार इसमें सबसे बड़ा हाथ कश्मीर और छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के साथ हिंसा का रहा।

कोरोना के चलते पीएम का पुर्तगाल दौरा रद्द

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुर्तगाल नहीं जाएंगे। मोदी को 8 मई को 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के लिए पुर्तगाल जाना था। उसके बाद उनका फ्रांस दौरा है, जिसे अभी रद्द नहीं किया है।

बीलवा राधास्वामी सत्संग भवन में 10 लाख वर्ग फीट में बनेगा 5 हजार बेड का कोविड केयर सेंटर

राजधानी कोरोना मरीजों के लिए बेड की किल्लत दूर करने के लिए राज्य सरकार टोंक रोड बीलवा स्थित राधास्वामी सत्संग भवन में 5 से 6 हजार बेड का कोविड केयर सेंटर बनाएगी। मंगलवार को जेडीसी गौरव गोयल, कलेक्टर अतर सिंह नेहरा सहित अन्य अफसरों ने यहां का दौरा किया। करीब 10 लाख वर्ग फीट कवर्ड एरिया में सेंटर बनेगा। 26-27 अप्रैल तक पहले फेज में 500 बेड का सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। यहां मरीजों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था सत्संग भवन प्रबंधन करेगा। बेड व अन्य व्यवस्थाएं सरकार करेगी। यहां करीब 500 टॉयलेट, पीने के लिए पानी, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाएं भी हैं।

कांग्रेस नेता सीताराम को रीको में निदेशक बनाया

उद्योग विभाग ने आदेश जारी कर रीको में दो स्वतंत्र निदेशक लगाया है। विभाग के संयुक्त सचिव अरूण गर्ग ने सीताराम अग्रवाल व सुनील परिहार को दो साल के लिए रीको में स्वतंत्र डायरेक्टर लगाया है। अग्रवाल कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर विद्याधरनगर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।

पहले नो मास्क नो एंट्री, अब चलेगा नो मास्क नो मूवमेंट अभियान

कोरोना की दूसरी घातक पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार प्रदेश में ‘नो मास्क-नो मूवमेन्ट’ अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए यह जरूरी हो गया है कि बिना मास्क के कोई भी घर से बाहर न निकले। उन्होंने कहा कि जीवन रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के साथ-साथ कोविड प्रबंधन में नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता कर्मियों और इन संस्थाओं के तमाम कार्मिकों की अहम भूमिका है।
गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से प्रदेश के नगरीय निकायों के महापौर, उप महापौर, नगर परिषद सभापति, उप सभापति, नगर पालिका चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन, सीईओ, कमिश्नर, ईओ, स्वच्छता कर्मियों आदि के साथ कोरोना संक्रमण, वैक्सीनेशन तथा मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पर संवाद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई देशों में मास्क लगाने, सोशल डिस्टेसिंग तथा कोविड प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना के कारण ही वहां संक्रमण रोकने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि जिस घातक गति से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, देशभर में लोगों की मौत हो रही हैं, कई राज्यों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। ऑक्सीजन, बैड, वेंटीलेटर एवं जरूरी दवाओं सहित संसाधन कम पड़ने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली पीक में देशभर में सर्वाधिक 97 हजार केस एक दिन में आए थे, जबकि दूसरी लहर में अब तक यह आंकड़ा तीन गुना बढ़कर 2 लाख 73 हजार को छू गया और आगे स्थिति क्या होगी, कोई नहीं बता सकता।
गृह विभाग के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने बताया कि प्रदेशभर में 1900 माइक्रो कन्टेनमेंट जोन बनाकर होम आइसोलेशन की पालना सुनिश्चित कराई जा रही है। उल्लंघन करने पर 24 घंटे में 55 लोगों को संस्थागत क्वारेंटीन किया गया है।

इसरो अपने मिशन किफायती और इकोफ्रेंडली बनाने में लगा

इसरो अपने मिशन किफायती और इकोफ्रेंडली बनाने में लगा है सैटेलाइट में इस्तेमाल होने वाले सॉलिड फ्यूल के विकल्प के रूप में ग्रीन फ्यूल विकसित करने की दिशा में प्रगति कर ली है। अब तक सैटेलाइट के कुल वजन का करीब 50 फीसदी ईंधन होता है। ठोस ईंधन की जगह इलेक्ट्रिकल प्रोपल्शन के इस्तेमाल से ईंधन का वजन 90% तक घट जाएगा। इलेक्ट्रिकल प्रोपल्शन का इस्तेमाल होने से न केवल सैटेलाइट में जाने वाले उपकरणों (पेलोड) की संख्या बढ़ाई जा सकती है, बल्कि सैटेलाइट को हल्के रॉकेट से भी भेजा जा सकेगा।
इसरो चेयरमैन डॉ. के. सिवन ने बताया, अभी केमिकल फ्यूल से पेलोड के साथ जो सैटेलाइट 6000 किलो का भेजना पड़ता है, उसी पेलोड के साथ इलेक्ट्रिकल प्रोपल्शन का इस्तेमाल होने पर वजन 4000 किग्रा हो जाएगा।
फिलहाल चार टन तक वजन के सैटेलाइट को इसरो अपने रॉकेट से भेजता है, इससे अधिक वजन के सैटेलाइट की लांचिंग यूरोपियन स्पेस एजेंसी के रॉकेट से होती है। इसरो जल्द इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी से लांचिंग का प्रदर्शन करेगा। सिवन ने कहा, इलेक्ट्रिकल प्रोपल्शन से जीएसएलवी मार्क-3 के स्थान पर सामान्य जीएसएलवी और जीएसएलवी के स्थान पर पीएसएलवी से भी लांचिग कर सकेंगे।

भारतीय इंजीनियर डॉ. बालाराम की वजह से मंगल पर उड़ा हेलीकॉप्टर

19 अप्रैल को वो ऐतिहासिक दिन था जब अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह पर इंजीन्यूटी हेलीकॉप्टर को कामयाबी के साथ उड़ाया। ये एक ऐतिहासिक पल था क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब मंगल पर मौजूद हेलीकॉप्टर को धरती से कंट्रोल किया गया। इस मिशन के पीछे थे भारतीय इंजीनियर डॉ. बॉब बालाराम, जो अब अमेरिका की नागरिकता ले चुके हैं। बालाराम नासा के जेट प्रोपल्शन लैब में काम करते हैं। उन्होंने ही इंजीन्यूटी हेलीकॉप्टर को बनाया है। बालाराम ही नासा के मार्स हेलीकॉप्टर मिशन के चीफ इंजीनियर हैं। वे नासा के जेपीएल में 35 साल से रोबोटिक्स टेक्नोलॉजिस्ट भी हैं। उन्होंने जिड्ड कृष्णमूर्ति द्वारा स्थापित ऋषि वैली स्कूल से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के रेनसीलर पॉलीटेक्नीक इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर एंड सिस्टम इंजीनियरिंग में ग्रैजुएशन किया। यहीं से उन्होंने पीएचडी भी की। बालाराम ने बचपन में जब पहली बार इंसान के चांद पर उतरने की बात सुनी थी, तभी ठान लिया था कि उन्हें स्पेस इंजीनियर बनना है।
डॉ. बालाराम ने इंटरव्यू में बताया कि उस वक्त टीवी नहीं हुआ करता था। उसी दौरान उन्होंने सुना कि चांद पर पहली बार इंसान उतरे हैं। वे उस दिन को आज तक नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि मंगल पर हेलीकॉप्टर उड़ाना ठीक वैसा ही था जैसे राइट बंधुओं के द्वारा पहली बार विमान उड़ाना।

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