subnetting एक ऐसी विधि है जिसमें एक बड़े नेटवर्क को दो या दो से अधिक छोटे लॉजिकल नेटवर्कों में विभाजित कर दिया जाता है। इन छोटे नेटवर्कों को subnetwork या subnet कहा जाता है। इन subnetwork या subnet का अपना अलग-अलग एड्रेस होता है। इन छोटे नेटवर्कों को बनाने के लिए subnet mask का प्रयोग किया जाता है।
subnet mask को IP एड्रेस में network address तथा host address के बीच differentiate (अंतर) करने के लिए किया जाता है।
subnet mask का केवल एक ही मुख्य उद्देश्य होता है यह identify करना कि IP address का कौन सा भाग network address है और कौन सा भाग host address।

subnetting

why use subnetting? (subnetting की जरुरत क्यों पड़ी?)

इसकी जरुरत इसलिए पड़ी क्योंकि जब इन्टरनेट popular हुआ तो सभी IP एड्रेस consume होने वाले थे। अर्थात् उस समय IP एड्रेस की shortage (कमी) हो गयी थी। जिससे इन्टरनेट का भविष्य खतरे में था और यह खत्म हो जाता। इसी परेशानी से बचने के लिए subnetting को बनाया गया।

advantage of subnetting (इसके फायदे):-

इसके फायदे निम्नलिखित है:-

  1.  इसमें नेटवर्क की security बेहतर होती है क्योंकि हम प्रत्येक subnet को मैनेज कर सकते है।

2.  नेटवर्क छोटे होने से collision डोमेन और ब्रॉडकास्ट डोमेन भी छोटे हो जाते है। जिससे ट्रैफिक और ब्रेकडाउन की समस्या में कमी आती है।

3.  इसमें administrative control बेहतर हो जाता है क्योंकि बड़े नेटवर्क की तुलना में छोटे नेटवर्क को मैनेज तथा administrate करना आसान होता है।

4.  इसमें हम एक ही नेटवर्क में दो या दो से अधिक LAN technology का प्रयोग कर सकते है।

5.  subnetting इन्टरनेट में IP addresses की समस्या को solve करने में बहुत ही सहायक होते है।

6.  subnets इन्टरनेट में routing tables के size को minimize करता है।

disadvantage of subnetting

  1.  यह बहुत ही expensive होता है क्योंकि इसमें routers, switches, hubs, bridge आदि networking devices का प्रयोग किया जाता है जो कि बहुत महंगे होते है।

2.  इसमें subnets को मैनेज करने के लिए experienced administrative की जरुरत होती है।


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