singly linked listdoubly linked list
1. singly linked list में प्रत्येक node, डेटा को contain करता है तथा अगले node के part से link होता है।Doubly linked list में प्रत्येक node, डेटा को contain करता है एवं अगले node तथा पिछले node के parts से link होता है।
2. चूँकि singly linked list में node पिछले node से लिंक नहीं होता है इसलिए हम इसमें पीछे को traverse नहीं कर सकते।doubly में node जो है वह अगले और पिछले दोनों nodes से लिंक होता है इसलिए हम इसमें दोनों तरफ traverse कर सकते है।
3. यह प्रत्येक नोड के लिए कम memory का प्रयोग करता है।यह प्रत्येक नोड के लिए ज्यादा memory का use करता है।
4. इसमें insertion और deletion की complexity को position O(n) से पता कर सकते है।इसमें insertion और deletion की complexity को position O(1) से जान सकते है।
5. जब हमें memory को save करना होता है तथा searching की जरूरत नहीं होती है तब हम singly linked list का प्रयोग करते है।जब हमें बेहतर performance की आवश्यकता होती है तथा memory एवं searching की कोई limitation नहीं होती है तब हम doubly linked list का प्रयोग करते हैं।
6. यदि हमें पता होता है कि एक element list के अंत में है तो हमें फिर भी list के शुरुआत से traverse करना होता है।यदि हमें पता होता है कि एक element list के अंत में है तो हम list के पीछे से traverse कर सकते है।
7. इसका ज्यादातर प्रयोग stacks के लिए किया जाता है.इसका सबसे ज्यादा प्रयोग stacks, heaps तथा binary trees को implement करने के लिए किया जाता है।

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