प्रॉक्सी (proxy) का अर्थ होता है, “किसी दूसरे को प्रस्तुत करना या फिर किसी दूसरे की तरफ से कार्य (act) करना”
दूसरे शब्दों में कहें तो, “किसी को indirect सर्विस उपलब्ध करना।” इसी प्रकार proxy server भी एक ऐसा कोई कंप्यूटर सिस्टम या एप्लीकेशन हो सकता है जो कि क्लाइंट के लिए intermediate की तरह कार्य करता है और क्लाइंट की request इस intermediate के द्वारा server तक जाती है। और server भी इसी इंटरमीडिएट के द्वारा क्लाइंट तक request को पहुंचाता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो, “proxy server एक कंप्यूटर होता है जो कि यूजर के कंप्यूटर तथा इन्टरनेट के मध्य gateway की तरह कार्य करता है।proxy server को application level gateway भी कहते है। इसके द्वारा क्लाइंट कंप्यूटर अन्य नेटवर्क से indirect नेटवर्क कनेक्शन स्थापित कर सकते है।

proxy server working

आइये हम संक्षिप्त में समझते है कि यह कार्य कैसे करता है?

Proxy server

चित्र में जैसा कि आप देख सकते है हमारे पास क्लाइंट, proxy server तथा वेब सर्वर है। माना कि किसी क्लाइंट को कोई वेबसाइट खोलनी है तो वह प्रॉक्सी सर्वर को वेबसाइट को ओपन करने की request करेगा। और प्रॉक्सी सर्वर क्लाइंट की request को वेब सर्वर को भेज देगा। अब वेब सर्वर वेबसाइट को ओपन करके proxy server को देगा। क्योंकि वेब सर्वर को request प्रॉक्सी सर्वर ने भेजी है. और फिर proxy server उस वेबसाइट की सर्विस को क्लाइंट को देगा।

proxy server benefits (advantages)

इसके लाभ निम्नलिखित है :-

  1. यह caching के लिए use होता है अर्थात् जब कोई क्लाइंट किसी सूचना को एक्सेस करता है तो वह उस सूचना को save कर लेता है जब कोई दूसरा क्लाइंट उसी सूचना को एक्सेस करता है तो वह अपनी cache में से ही उस सूचना को क्लाइंट को दे देता है. इससे इन्टरनेट की गति बढ़ जाती है जिससे कि समय की बचत होती है।

2. यह ip address को छुपा देता है अर्थात इससे क्लाइंट की identity किसी को पता नहीं चलती। अर्थात जो भी इन्टरनेट में जानकारी जाती है वह proxy server की होती है. जिससे हमारा नेटवर्क सुरक्षित हो जाता है। क्योंकि जो hackers तथा attackers होते है वह यह नहीं जान पाते कि actual में जो request आई है वह कहा से आई है।

3. यह वेबसाइट को ब्लॉक कर सकता है अर्थात् अगर क्लाइंट किसी वेबसाइट का प्रयोग नहीं करना चाहता है तो वह उसे इसके द्वारा ब्लॉक कर सकता है।

4.  इसके द्वारा क्लाइंट blocked वेबसाइटों को भी ओपन कर सकते है अर्थात् आपने देखा होगा कि हमारे ऑफिस में या कॉलेज में कुछ वेबसाइट जैसे:- सोशल मीडिया साइट्स या गन्दी साइट्स ओपन नहीं होती है। क्योंकि इन्हें ब्लॉक किया गया होता है। तो हम proxy server के द्वारा इन वेबसाइटों को भी ओपन कर सकते है। यह बिंदु 3 से एकदम उल्टा है।

Types of proxy server

इसके प्रकार निम्नलिखित है:-

  1.  anonymous proxy
  2. SSL proxy
  3. transparent proxy
  4. reverse proxy
  1. Anonymous proxy:- यह proxy क्लाइंट को privacy उपलब्ध कराती है अर्थात यह क्लाइंट के IP address को छुपा देती है। जिससे कि कोई भी व्यक्ति जैसे हैकर वगैरह क्लाइंट की लोकेशन को trace नहीं कर पाते।

2. SSL proxy:- SSL (secure socket layer) का प्रयोग किसी भी ऑनलाइन transaction में होता है। जैसे आपने amazon से कोई भी सामान ख़रीदा तो उनकी साईट में SSL proxy होती है जो हमारे डेटा को ऑनलाइन खरीददारी के समय protect करती है। जो वेबसाइट url से पहले https होता है वाही SSL होता है।

3. Transparent proxy:- इस proxy में क्लाइंट के server के द्वारा request को इन्टरनेट को forward (भेजा) जाता है। परन्तु इसमें क्लाइंट की सूचना को छुपाया नहीं जाता है। इसे forward proxy भी कहते है।

4. Reverse proxy:- इस proxy का प्रयोग इन्टरनेट से request को क्लाइंट server तक पहुचाने में किया जाता है।


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