जनगणना-2011

  • जनगणना संघ सूची का विषय जिसे 7वीं अनुसूची के अन्तर्गत 99 विषयों में से 69वें स्थान पर रखा गया है। प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है।
  • जनगणना के प्राचीनतम उदाहरण है
    1 कोटिल्य या चाणक्य का अर्थशास्त्र
    2 मेगस्थनीज की इण्डिका
  • इन दोनों ग्रंथों में बताया गया है कि मौर्य काल में भारत में जनगणना का कार्य होता था।
  • मध्यकाल में अबुल फजल ने अपने ग्रंथ आईने अकबरी में जनगणना की जानकारी दी है (मुगल काल)।
  • आधुनिक काल-विश्व में प्रथम जनगणना का आयोजन 1790 मेंअमेरिका में किया गया।
  • भारत में प्रथम जनगणना- भारत में प्रथम जनगणना 1872 में लार्ड मेयो के काल में शुरू हुई।
  • भारत के प्रथम जनगणना आयुक्त – w.c. प्लाउडेन
  • भारत में द्वितीय जनगणना- इसे सतत् या लगातार जनगणना भी कहा जाता है। इसका आयोजन 1881 में लार्ड रिपन के काल से शुरू हुआ।
  • स्वतन्त्र भारत की प्रथम जनगणना- स्वतन्त्र भारत की प्रथम जनगणना का आयोजन 1951 में हुआ।

वर्तमान जनगणना-2011

  • वर्तमान जनगणना का आयोजन 2011 में हुआ।
  • 1872 से वर्तमान जनगणना – 15वीं जनगणना।
  • 1881 से वर्तमान जनगणना – 14वीं जनगणना।
  • 1951 से वर्तमान जनगणना – 7वीं जनगणना।
  • भारत में प्रथम जाति आधारित जनगणना- 1931 में करवाई गई थी।
  • जनगणना का कार्य- केन्द्रीय गृहमंत्रालय के निर्देशन में जनगणना विभाग द्वारा प्रत्येक 10 वर्ष बाद आयोजित किया जाता है।
  • जनगणना आयुक्त – सी. चन्द्रमोली
  • जनगणना का शुभकर- प्रगणक शिक्षिका (इसे श्री पंडारबिन्दारथ द्वारा तैयार किया गया था)।
  • जनगणना का स्लोगन वाक्य- हमारी जनगणना हमारा अधिकार ।
  • जनगणना में कार्यरत कर्मचारी – 27 लाख
  • जनगणना का खर्च – 2200 करोड़
  • प्रतिव्यक्ति का खर्च – 18.19 रू.
  • जनगणना का कार्य देश के 28 राज्यों व 7 केन्द्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया गया।
  • जनगणना का कार्य दो चरणों में पुरा किया गया।
  • जनगणना का शुभारम्भ – 1 अप्रैल, 2010 सी. चन्द्रमोली द्वारा।
  • प्रथम चरण- 15 मई से 30 जून, 2010
  • इस चरण में मकानों का सूचीकरण व राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्ट्रर | (NPR) तैयार किया गया।
  • द्वितीय चरण- 9 से 28 फरवरी, 2011
  • इसमें जनगणना का कार्य किया गया। जनगणना का पुनः चक्रण।
  • जनगणना का पुनः चक्रण-1 मार्च से 5 मार्च, 2011 के मध्य।
  • जनगणना कि घोषणा- 31 मार्च, 2011, सी. चन्द्रमोली द्वारा।
  • जनगणना में शामिल राजस्थान प्रशासनिक ईकाईयाँ-
    1 सम्भाग 7,
    2 जिले-33,
    3 तहसील-314,
    4 नगरपालिका-149,
    5 नगरनिगम-7,
    6 पंचायत समिति- 295,
    7 ग्राम-44,672
  • मार्च, 2011 को घोषित जनगणना के अन्तिम आंकड़े।
  • राजस्थान कि जनसंख्या- 6,85,48,437
  • पुरुष जनसंख्या – 3,55,50,997
  • महिला जनसंख्या-3,29,97,440
  • ग्रामीण जनसंख्या -5,15,00,352 (75.1%)
  • शहरी जनसंख्या – 1,70,48,085 (24.9%)
  • ग्रामीण पुरुष जनसंख्या – 2,66,41,747
  • शहरी पुरुष जनसंख्या – 89,09,250
  • ग्रामीण महिला जनसंख्या – 2,48,58,605
  • शहरी महिला जनसंख्या – 81,38,835
  • दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर – 21.3 प्रतिशत ।
  • जनघनत्व- 200 व्यक्ति/वर्ग किमी.
  • लिंगानुपात – 928 (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या)।
  • साक्षरता – 66.1 प्रतिशत ।
  • पुरुष साक्षरता – 79.2 प्रतिशत
  • महिला साक्षरता – 52.1 प्रतिशत
  • जनसंख्या (0-6 वर्ष आयु वर्ग):-
  • 0-6 आयु वर्ग की जनसंख्या- 1,06,49,504 (कुल जनसंख्या का 15.5%) * शहरी जनंसख्या- 22,34,6211 (13.1%)
    पुरुष- 11,92,577 (13.4%), महिला- 10,42,044 (12.8%)
  • ग्रामीण जनसंख्या- 84,14,883 (कुल जनसंख्या 16.3%)
    पुरुष- 44,46,599 (16.7%) महिला- 39,68,284 (16.0%)
  • 0-6 आयु वर्ग में सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला- जयपुर (9,29,926) है | * 0-6 आयु वर्ग में सबसे कम जनसंख्या वाला जिला-जैसलमेर (1,30,463)
  • राजस्थान कि कुल जनसंख्या- 6,85,48,437 (2001 में 5.65 करोड़)
  • देश में स्थान 8वां । देश की कुल जनसंख्या का 5.66 प्रतिशत ।
  • सर्वाधिक जनसंख्या वाले जिले- जयपुर(66,26,178), जोधपुर, अलवर ।
  • न्यूनतम जनसंख्या वाले जिले- जैसलमेर (6,69,919), प्रतापगढ़ और सिरोही।
  • पुरुष जनसंख्या – 3.55,50,997
  • सर्वाधिक- जयपुर, जोधपुर, अलवर।
  • न्यूनतम – जैसलमेर, प्रतापगढ़, सिरोही।
  • महिला जनसंख्या – 3,29,97,440
  • सर्वाधिक – जयपुर, जोधपुर, अलवर।
  • न्यूनतम – जैसलमेर, प्रतापगढ़, सिरोही।
  • ग्रामीण जनसंख्या – 5,15,00,352
  • सर्वाधिक – जयपुर ।
  • न्यूनतम – जैसलमेर।
  • शहरी जनसंख्या – 1,70,48,085
  • सर्वाधिक – जयपुर
  • न्यूनतम – प्रतापगढ़
  • दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर – 21.3 प्रतिशत (2001 में 28.41 प्रतिशत (7.1 अंको की कमी)
  • देश में स्थान – 11वां
  • पुरुष जनसंख्या वृद्धि – 20.8 प्रतिशत
  • महिला जनसंख्या वृद्धि दर 21.8 प्रतिशत
  • सर्वाधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला – बाड़मेर (32.5 प्रतिशत), जैसलमेर, जोधपुर।
  • न्यूनतम जनसंख्या वृद्धिदर वाला जिला- गंगानगर (10.00 प्रतिशत) झुंझुनूं, पाली।
  • ग्रामीण जनसंख्या वृद्धि दर – 19.00 प्रतिशत
  • सर्वाधिक वाला जिला – जैसलमेर (34.5 प्रतिशत) बाड़मेर, बांसवाड़ा।
  • न्यूनतम वाला जिला- कोटा (6.1 प्रतिशत) गंगानगर, झुंझुनूं।
  • शहरी जनसंख्या वृद्धि दर – 29.00 प्रतिशत
  • सर्वाधिक वाला जिला- अलवर (50.5 प्रतिशत) दौसा, बारां ।
  • न्यूनतम वाला जिला- डूंगरपुर (9.8 प्रतिशत) प्रतापगढ़, हनुमानगढ़।

राजस्थान में जन घनत्व –

  • राजस्थान का जन घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. (2001 में 165) 35 अंकों की वृद्धि।
  • देश में स्थान – 24वां
  • सर्वाधिक जन घनत्व वाले जिले- जयपुर (595 ), भरतपुर, दौसा ।
  • न्यूनतम जन घनत्व वाले जिलें – जैसलमेर (17), बीकानेर, बाड़मेर।
  • राजस्थान में लिंगानुपात – 928 (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं कि संख्या लिगानुपात) (2001 में 921) 7 अंकों की वृद्धि ।
  • देश में स्थान – 21वां
  • सर्वाधिक वाला जिला- डूंगरपुर (994), राजसंमद (992), पाली (987)
  • न्यूनतम वाला जिला – धोलपुर (846). जैसलमेर (852), करोली (861)
  • लिंगानुपात में सर्वाधिक गिरावट- डूंगरपुर जिले में देखी गई है। जिसमें 1022 के मुकाबले 994 लिंगानुपात है (कमी 28 अंक)।
  • जैसलमेर में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। यहाँ 2001 में 821 तथा वर्तमान में 852 लिंगानुपात है (31 अंको की वृद्धि)
  • ग्रामीण लिंगानुपात – 933
  • सर्वाधिक वाला जिला – पाली (1003)
  • न्यूनतम वाला जिला – धौलपुर (841)
  • शहरी लिंगानुपात – 914
  • सर्वाधिक वाला जिला – टोंक (985)
  • न्यूनतम वाला जिला – जैसलमेर (807)
  • राजस्थान में वर्तमान में एक भी जिला विपरीत लिंगानुपाती नहीं है। जबकि 2001 में दो जिले विपरीत लिंगानुपाती थे।
    1 डूंगरपुर – 1022
    2 राजसंमद – 1000
  • ग्रामीण लिंगानुपात में विपरीत लिंगानुपाती जिला – पाली (1003) शिशु लिंगानुपात (0 से 6 आयु वर्ग)
  • लिंगानुपात- 888, 2001 में 909 (21 अंकों कि गिरावट)।
  • देश में स्थान -30वां
  • सर्वाधिक वाला जिला – बांसवाड़ा (934), प्रतापगढ़, उदयपुर।
  • न्यूनतम वाला जिला- झुंझुनूं (837), सीकर, करोली।
    साक्षरता
  • 7 वर्ष से ऊपर पढ़े लिखे लोगों को साक्षरता में शामिल किया जाता है।
  • राजस्थान की साक्षरता – 66.11 प्रतिशत (2001 में 60.6 प्रतिशत)
  • वृद्धि 6 अंकों की।
  • देश में स्थान – 33वां
  • सर्वाधिक साक्षरता वाले जिलें- कोटा (76.6%), जयपुर (75.5%) झुंझुनूं (74.1%)।
  • न्यूनतम साक्षरता वाले जिलें-जालौर (549%), सिरोही (55.3%), प्रतापगढ़ (56.0%)।
  • पुरुष साक्षरता – 79.2 प्रतिशत
  • देश में स्थान-27वां
  • सर्वाधिक वाले जिले- झुंझुनूं (86.9%), कोटा, जयपुर।
  • न्यूनतम वाले जिले- प्रतापगढ़ (69.5%), बांसवाड़ा, सिरोही।
  • महिला साक्षरता- 52.1 प्रतिशत
  • देश में स्थान – 35वां (सम्पूर्ण देश में अन्तिम)
  • सर्वाधिक वाला जिला – कोटा (65.9%), जयपुर, झुंझुनूं ।
  • न्यूनतम वाले जिले- जालौर (38.5%), सिरोही, जैसलमेर
  • राजस्थान में ग्रामिण साक्षरता – 61.4 प्रतिशत
    ग्रामीण पुरुष साक्षरता – 76.2 प्रतिशत
    ग्रामीण महिला साक्षरता – 45.8 प्रतिशत
  • राजस्थान में शहरी साक्षरता- 79.7 प्रतिशत
    शहरी पुरुष साक्षरता – 87.9 प्रतिशत
    शहरी महिला साक्षरता – 70.7 प्रतिशत
  • आंध्रप्रदेश व मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान जनसंख्या नीति घोषित करने वाला राजस्थान में तीसरा राज्य है।
  • सम्पूर्ण देश 17 से 23 फरवरी, 2011 के मध्य जनगणना सत्ता का आयोजन किया गया।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति की जनसंख्या –

  • अनुसूचित जातियों (SC) की कुल जनसंख्या-1,22,21,593 (कुल जनसंख्या का 17.8%) ग्रामीण- 95,36,963 (18.5%), शहरी- 26,84,630 (15.7%)
  • जयपुर (10,03,302) जिले में अनुसूचित जाति की जनसंख्या सर्वाधिक निवास करती है तो डूंगरपुर (52.268) जिले में अनुसूचित जाति की जनसंख्या सबसे कम निवास करती है।
  • अनुसूचित जाति का सर्वाधिक अनुपात गंगानगर (36.6%) जिले में है तो न्यूनतम अनुपात डूंगरपुर जिले में है।
  • अनुसूचित जनजातियों की कुल जनसंख्या- 92,38,534 (कुल जनसंख्या का 13.5%)
  • उदयपुर (15,25,289) जिले में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या सर्वाधिक निवास करती है तो बीकानेर व नागौर (7,749) जिले में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या सबसे कम निवास करती है।
  • अनुसूचित जनजाति का सर्वाधिक अनुपात बांसवाड़ा (76,4%) जिलें में है तो न्यूनतम अनुपात बीकानेर एवं नागौर जिले में है।
  • 50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले जिले- 1 (जयपुर)।
  • 20-50 लाख तक जनसंख्या वाले जिले- 13
  • 10-20 लाख तक जनसंख्या वाले जिले- 17
  • 10 लाख से कम जनसंख्या वाले जिले- 2 (जैसलमेर व प्रतापगढ़)
  • राजस्थान की जनसंख्या के लगभग समान जनसंख्या वाला देश फ्रांस है।
  • डूंगरपुर जिले की कुल जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत (93.6%) ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है तो कोटा जिले की कुल जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत (60.3%), शहरी क्षेत्र में निवास करती है।
  • राजस्थान में धर्म के अनुसार जनसंख्या-
  • हिन्दु धर्म- सर्वाधिक हिन्दु जनसंख्या वाले जिले-
    दौसा-96.95% , डूंगरपुर, सिरोही।
  • न्यूनतम हिन्दु जनसंख्या वाले जिलें-
    जैसलमेर-75.48%, गंगानगर, हनुमानगढ़।
  • मुस्लिम धर्म- सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या वाले जिले- जैसलमेर- 23.64%, नागौर, अलवर।
  • न्यूनतम मुस्लिम जनसंख्या वाले जिलें- डूंगरपुर- 2.13%, गंगानगर, बांसवाड़ा।
  • ईसाई धर्म सर्वाधिक ईसाई जनसंख्या वाले जिलें- बांसवाड़ा-107 %, अजमेर कोटा।
  • न्यूनतम ईसाई जनसंख्या वाले जिलें – चूरू- 0.01%, दौसा, करौली।
  • सिक्ख धर्म- सर्वाधिक सिक्ख जनसंख्या वाले जिलें- गंगानगर 24.67%, हनुमानगढ़, अलवर।
  • न्यूनतम सिक्ख जनसंख्या वाले जिले- बाड़मेर 0.03%, करौली, सीकर।
  • बौद्ध धर्म- सर्वाधिक बौद्ध धर्म वाले जिले- अलवर 0.14%, गंगानगर, भरतपुर।
  • न्यूनतम बौद्ध धर्म जनसंख्या वाले जिलें- राज्य के 14 जिलों में बौद्ध जनसंख्या नहीं पाई जाती है।
  • जैन धर्म- सर्वाधिक जैन धर्म जनसंख्या वाले जिले- उदयपुर 3.18 %, अजमेर और राजसमंद।
  • न्यूनतम जैन धर्म जनसंख्या वाले जिले- झुंझुनूं 0.03%, गंगानगर और हनुमानगढ़।
    राजस्थान में कार्यशील जनसंख्या-
  • राज्य में कुल कार्यशील जनसंख्या दर 42.1 प्रतिशत ।
  • सर्वाधिक कार्यशील जनसंख्या वाला जिला- चित्तौड़।
  • न्यूनतम कार्यशील जनसंख्या वाला जिला- कोटा।
  • राज्य में पुरुष कार्यशील जनसंख्या दर- 50.07 प्रतिशत
  • राज्य में महिला कार्यशील जनसंख्या दर- 33.48 प्रतिशत
  • ग्रामीण कार्यशील जनसंख्या दर- 45.94 प्रतिशत ।
  • शहरी कार्यशील जनसंख्या दर – 29.56 प्रतिशत।
  • राज्य में जनसंख्या नीति – 20 जनवरी, 2000 को घोषित की गई जो राज्य की नवीनतम जनसंख्या नीति है। यह जनसंख्या नीति B.S./ व्यास समिति की सिफारिश पर घोषित कि गई। इसे घोषित करने वाला आंध्रप्रदेश व मध्यप्रदेश के बाद राजस्थान तीसरा राज्य है।
  • राज्य में जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार कल्याण कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। जिनका प्रमुख उद्देश्य जनसंख्या, शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर पर रोक लगाना है।
  • राज्य में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष कि सहायता से 1 जनवरी, 1999 से एकीकृत जनसंख्या एवं विकास परियोजना का संचालन किया जा रहा है। यह योजना प्रारम्भ में राज्य के 6 जिलों में चलाई गई। जिसमें 2007 में 2 और जिलों को शामिल कर दिया गया। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य प्रजनन एवं स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढीकरण करना है। वर्तमान में यह परियोजना राज्य के अलवर, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, करौली, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा व राजसमंद जिलों में चलाई जा रही है।

ONE LINER QUESTION ANSWER

राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान का भूगोल

SUBJECT QUIZ

Current Affairs

NOTES


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