फीफाः लेवान्डोस्की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी

बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर रॉबर्ट लेवानडोस्की 2019-20 के बेस्ट फुटबॉलर चुने गए हैं। ऑनलाइन हुए बेस्ट फीफा अवॉर्ड में पोलैंड के लेवानडोस्की को 52 वोट मिले। उन्होंने पिछले सीजन के विजेता लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो को हराया। रोनाल्डो को 38 और मेसी को 35 वोट मिले। 32 साल के लेवानडोस्की को मेसी और रोनाल्डो दोनों ने वोट किया था।

मानव स्वतंत्रता रैंकिंग में भारत 17 स्थान फिसला

मानव स्वतंत्रता सूचकांक 2020 में भारत 17 स्थान गिरकर 111 वें स्थान पर पहुंच गया। 2019 में भारत 94वें स्थान पर था। दुनिया भर में नागरिक, आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर 162 देशों की जारी रैंकिंग में चीन 129वें और बांग्लादेश 139वें स्थान पर है। न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड और हांगकांग पहले तीन स्थान पर हैं। भारत का व्यक्तिगत स्वतंत्रता में 10 में से 6.30, आर्थिक स्वतंत्रता में 6.56 और मानव स्वतंत्रता स्कोर 6.43 है।

पिक्सेल का सरकारी कंपनी न्यू स्पेस इंडिया के साथ करार, 24 उपग्रहों की शृखला लॉन्च होगी

इसरो अगले 8 माह में पहली बार किसी निजी भारतीय कंपनी का उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा। बेंगलुरू में अंतरिक्ष तकनीकी से जुड़े स्टार्टअप पिक्सेल-इंडिया का अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ‘आनंद’ इसरो के पीएसएलवी सी-51 रॉकेट के जरिए अगले साल अंतरिक्ष में जाएगा।
‘आनंद’ से पृथ्वी पर होने वाली किसी भी घटना की करीब-करीब 24 घंटे रियल टाइम इमेज उपलब्ध हो सकेगी। पिक्सेल के उपग्रहों की मदद से सीजन में फसल व मिट्टी में हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा सकेगी। हालांकि सूचना पिक्सेल सीधे किसानों को नहीं देगी, बल्कि कोई अन्य कंपनी या एजेंसी पिक्सेल से डेटा हासिल कर किसानों को एसएमएस से देगी। इसी तरह वन क्षेत्र में हो रहे बदलावों की रियल टाइम जानकारी मिलेगी।
पिक्सेल के दो संस्थापकों में से एक क्षितिज खंडेलवाल ने बताया, ‘इन उपग्रहों से समस्याओं को जल्द पहचाना जा सकेगा और तत्काल समाधान
सुझाए जा सकेंगे। बाढ़ जैसी आपदाओं में प्रबंधन, जल व वायु प्रदूषण पर भी नजर रखी जा सकेगी।’ पिक्सेल इंडिया एक अर्थ इमेजिंग स्टार्टअप है, जो 2023 तक कुल 24 उपग्रह लॉन्च करेगी। सभी उपग्रह इसरो के अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट के आकार व लागत की तुलना में 10 गुना छोटे होंगे, लेकिन सभी 24 उपग्रहों के अंतरिक्ष में स्थापित होने के बाद इसकी क्षमता 24 घंटे में ग्लोबल कवरेज की होगी। गुरुवार को पीएसएलवी सी-50 रॉकेट के जरिए सीएमएस-1 की सफलतापूर्वक लांचिंग के बाद इसरो चेयरमैन डॉ. के सिवन ने कहा कि इसरो व भारत के लिए पीएसएलवी का अगला पीएसएलवी सी-51 मिशन खास होगा, इसके जरिए ‘आनंद’ उपग्रह अंतरिक्ष में जाएगा।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार लागू होने के बाद निजी क्षेत्र द्वारा इसरो की सुविधाओं के इस्तेमाल की यह पहली गतिविधि होगी। आनंद के साथ दो नैनो सैटेलाइट- चेन्नई के स्टार्टअप स्पेसकिड्ज का ‘सतीश’ और यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम का ‘यूनीवसेट’ भी भेजे जाएंगे।

कोरोना की स्वदेशी को-वैक्सीन का तीसरा ट्रायल

भारत बायोटेक की ओर से बनाई इस वैक्सीन का ट्रायल जयपुर में विद्याधर नगर स्थित महाराज अग्रसेन हॉस्पिटल में किया गया। पहले दिन 70 वॉलंटियर्स को वैक्सीन की डोज दी गई और 1000 लोगों पर यह ट्रायल किया जाएगा। अभी हर व्यक्ति को 0.5 एमएल की डोज दी गई है।
हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर को-वैक्सीन तैयार की है। इस वैक्सीन के दो फेज के ट्रायल हो चुके हैं। इसमें पहले फेज के परिणाम कुछ दिन पहले जारी किए हैं, जो काफी सकारात्मक रहे हैं। आईसीएमआर ने ये परिणाम जारी किए थे।

चीन में नाभिकीय संलयन रिएक्टर का सफल संचालन

हाल ही में चीन ने अपने नाभिकीय संलयन रिएक्टर का सफल संचालन कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। यहां यह जानना जरूरी है कि नाभिकीय संलयन क्या है। दरअसल नाभिकीय संलयन वह प्रक्रिया है जिसमें भारी दबाव की वजह से परमाणु नाभिकों को आपस में जुड़ना पड़ता है, इससे बड़ी मात्रा में ऊर्जा पैदा होती है। दरअसल सूर्य के केन्द्र में भारी दबाव होता है और वहां हाइड्रोजन आपस में जुड़कर हीलियम में बदलता रहता है और इस प्रक्रिया में ऊर्जा पैदा होती है।

155 साल में पहली बार डल झील में वाटर एंबुलेंस

जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील में 155 साल में पहली बार शिकारा एंबुलेंस तैरेगी इसे तारिक अहमद पतलू ने 12 लाख रुपए खर्च कर तैयार कराया है। उन्होंने कहा- ‘कोरोना काल में सामने आने वाली परेशानियों को देखते हुए इसे तैयार किया है। बतौर तारिक, 1865 के दशक में झेलम नदी में मरीजों को लाने और ले जाने के लिए एक बोट हुआ करती थी।

अहमदाबाद में भास्कर का मास्क ही वैक्सीन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ

दैनिक भास्कर ने ‘मास्क ही वैक्सीन है’ अभियान के तहत अहमदाबाद के रिवर फ्रंट में 40 फीट ऊंचा और 30 फीट लंबा मास्क बनाया था। यह मास्क गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। इससे पहले भी भास्कर ने सूरत रेलवे स्टेशन के बाहर 30 फीट की थ्रीडी पेंटिंग की थी। जबकि वडोदरा में भी 40 फीट ऊंचा और 30 फीट लंबा मास्क तैयार किया था। कोरोना के समय में लोग मास्क पहनने के लिए जागरुक बनें, इस सामाजिक जिम्मेदारी के तहत भास्कर यह अभियान चला रहा है।

विज्ञान यात्रा आज जयपुर में, वर्चुअल होगा संबोधन

भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव होमी जहांगीर भाभा विज्ञान यात्रा का वर्चुअल आयोजन होगा। इसमें राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी मुख्य अतिथि होंगे, जबकि अध्यक्षता सीएसआइआर महानिदेशक शेखर सी. मांडे करेंगे।सीएसआइआर, सीरी, एमएनआइटी, पत्र सूचना कार्यालय व विज्ञान भारती के तत्वावधान में जयपुर में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान यात्रा मुम्बई, पूणा, अहमदाबाद, इंदोर और भोपाल होते हुए जयपुर पहुंच रही है, यहां से दिल्ली रवाना होगी। कार्यक्रम में संबोधन का विषय भारत में आत्मनिर्भरता और विश्व कल्याण में वेद विज्ञान का योगदान रखा गया है।

नैनो कवच बिना फ्रिज 21 दिन फल-सब्जी को ताजा रखेगा

किसान अब एक में एक हजार किलो टमाटर 21 दिन तक सुरक्षित रख सकेगा। यह सम्भव कर दिखाया है श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विवि के पीएचडी के छात्र डा. महेन्द्र मीणा ने। मीणा ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है कि है, जो फल व सब्जियों को बिना कोल्ड स्टोरेज के 21 दिनों तक तरोताजा रख सकेगी। पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल (स्वयं विद्यटित होने वाला) इस नैनो फार्मूलेशन का अन्य कैमिकल की तरह कोई बुरा असर भी नही होगा।

ऑक्सफोर्ड विवि व एनएलयू ने बनाई संविधान सीरीज

संविधान साक्षरता बढ़ाने के लिए लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड विवि व देश के दो राष्ट्रीय विधि विवि (एनएलयू) के दो छात्रों ने हिंदी में संविधान सीरिज बनाने का बीड़ा उठाया है। ऑक्सफोर्ड विवि में वाइस डीन तरुणाभ खेतान, एनएलयू लखनऊ की छात्रा सुरभि करवां और एनएलयू जोधपुर के छात्र राजेश रंजन सीरिज बना रहे हैं। अब तक उदारवाद, कानून राज का सिद्धांत, लोकतंत्र, संविधान सभा के विचार और वैचारिक विरोधियों से समझौते का महत्व पर वीडियो प्रकाशित किार जा चुके हैं, जो यू-ट्यूब पर निक उपलब्ध है। आठ से अधिक टॉपिक पर वीडियो बन रहे हैं।

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