मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना

हर परिवार को 5 लाख रुपये का निःशुल्क बीमा। 35000 करोड़ रुपये का प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन। अब रजिस्ट्रेशन अभियान 30 अप्रैल 2021 तक और ई-मित्र केन्द्र पर पंजीकरण निःशुल्क।
योजना की खास बातें
राज्य के सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा।
प्रतिवर्ष सामान्य बीमारी 50 हजार और गंभीर बीमारी 4.50 लाख रुपये का निःशुल्क उपचार।
भर्ती के 5 दिन पूर्व और डिस्चार्ज के बाद 15 दिन तक का व्यय शामिल।
बीमारियों के 1576 प्रकार के पैकेज और प्रोसीजर उपलब्ध।
रजिस्ट्रेशन शिविर ग्राम पंचायत के साथ-साथ गांव स्तर व शहरों में वार्ड स्तर पर चल रहे हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना-2011 के लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। उन्हें पूर्व की भांति योजना का लाभ मिलता रहेगा।
योजना से जुड़ने की प्रक्रिया हुई सरल
लघु व सीमान्त कृषक, संविदाकर्मियों तथा गत वर्ष राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 अनुग्रह राशि भुगतान प्राप्त करने वाले निराश्रित एवं असहाय परिवारों का सम्पूर्ण प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
ऐसे परिवार जो उपरोक्त श्रेणियों में नहीं आते हैं, वे 850 रुपये प्रीमियम जमा करवाकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
ई-मित्र केन्द्र पर लगने वाले पंजीयन शुल्क, प्रीमियम राशि जमा शुल्क, पॉलिसी दस्तावेज प्रिंटिंग शुल्क का भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
ऐसे लाभार्थी जिनका जनआधार कार्ड नहीं बना है, वे ईमित्र केन्द्र पर जनआधार पंजीयन निःशुल्क करवा सकते हैं तथा पंजीयन रसीद के आधार पर योजना में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
1 मई 2021 से योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी
योजना के लिए परिवार का आकार एवं आय की सीमा नहीं है।
ऐसे ई-मित्र जो पंजीयन अभियान के दौरान अपने क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों में से 80% से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो उन्हें प्रति रजिस्ट्रेशन 5 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जायेगा।
30 अप्रेल 2021 तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वालों को योजना में लाभ लेने हेतु बाद में रजिस्ट्रेशन कराने पर 3 महीने का इंतजार करना होगा।
सरकारी कार्मिकों को इस योजना से जुड़ने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि केन्द्र सरकार की CGHS की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा RGHS लागू की जा रही है।

इजरायल में 58% आबादी को टीके की दोनों डोज, अब खुली जगह मास्क जरूरी नहीं

इजरायल में 20 अप्रैल के बाद खुली सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, बंद जगहों पर मास्क जरूरी रहेगा। सरकार ने यह फैसला संक्रमण की दर में तेज गिरावट के बाद लिया है। दूसरी ओर, स्कूल कॉलेजों को भी खोल दिया गया है। अब कोरोना प्रॉटोकॉल जैसी कोई पाबंदी नहीं होगी। दरअसल, करीब 95 लाख की आबादी वाले इजराइल में 58% लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। 1 फरवरी तक 20% आबादी को दोनों डोज लग चुकी थीं। उसके बाद संक्रमण की दर (टेस्ट पॉजिटिविटी रेट) में गिरावट शुरू हुई। तब दर 10% थी, जो अब 0.4% हो चुकी है। यानी 200 से ज्यादा टेस्ट पर एक मरीज मिल रहा है।

अब ईसरदा-दौसा वृहद पेयजल परियोजना का कार्य राज्य निधि से

कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आवास पर मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई। बैठक में गहलोत ने मंत्रियों से कोरोना लॉकडाउन को लेकर उनकी राय पूछी। बैठक में पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इसमें ‘ईसरदा-दौसा वृहद पेयजल परियोजना को जल्दी पूरी करने के लिए इसका बाह्य वित्त पोषण एएफडी से ऋण लेने के स्थान पर राज्य निधि से किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। दौसा व सवाई माधोपुर जिलों के 6 कस्बों एवं 1256 गांवों को पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से उपलब्ध राशि के अलावा शेष राशि राज्य निधि से उपलब्ध करवाकर इस परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू किया जा सकेगा।
घर-घर औषधि योजना का क्रियान्वयन प्रदेश स्तर पर
कैबिनेट ने ‘घर-घर औषधि योजना के प्रदेश स्तर पर क्रियान्वयन का भी निर्णय लिया। इसके तहत औषधीय पौधों की पौधशालाएं विकसित कर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा आदि पौधे नर्सरी से उपलब्ध कराए जाएंगे। बहु उपयोगी औषधीय पौधे वन विभाग की पौधशालाओं में तैयार कर इच्छुक परिवारों को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष जुलाई में मनाए जाने वाले वन महोत्सव की थीम भी ‘घर-घर औषधि’ योजना रहेगी।

कोरोना संक्रमण के मामलों में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर

कोरोना संक्रमण के मामलों में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है। संक्रमण के मामले दिनों दिन बढ़ रहे हैं। कई राज्यों में वीकेंड लॉकडाउन, संक्रमण प्रभावित जिलों में कयूं जैसे उपाय किए जा रहे हैं। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकारें अन्य सख्तियों पर भी मंथन कर रही हैं। लेकिन दुनिया भर में हम सख्ती के लिहाज से 32 नंबर पर हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्लावाटनिक स्कूल ने विभिन्न आधार पर सख्ती का पैमाना (स्ट्रिन्जेंसी इंडेक्स) तैयार किया है।
इस पैमाने को तैयार करने के लिए 180 देशों से डेटा को कंपाइल किया जाता है। वर्तमान में सख्ती के पैमाने पर भारत का स्कोर 17 अप्रेल को 69.91 है। हैरत की बात है कि दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित अमरीका सख्ती के पैमाने पर भारत से कम 56.94 है। जबकि ऑस्ट्रेलिया 46.76 और रूस 36.57 है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। गत वर्ष जैसे पूर्ण लॉकडाउन की भी चर्चाएं चल रही हैं।
सख्ती के आधार
लॉकडाउन, कर्फ्यू ट्रेवल बैन, स्कूल-कॉलेज बंद, वर्क प्लेस क्लोजर
सख्ती में अव्वल
मॉरिशस 96
यूनान 87
मंगोलिया 87
एरिट्रिया 85

आर्यभट्ट प्रक्षेपण दिवस : 19 अप्रैल

19 अप्रैल, 1995 को भारत अपने पहले सेटेलाइट ‘आर्यभट्ट’ के प्रखेपण के साथ अंतरिख युग में दाखिल हुआ था। सेटेलाइट इसरो ने तैयार किया था। 360 किलोग्राम वजनी आर्यभट्ट को सोवियत संघ के इंटर कॉसमॉस रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजा गया। सेटेाइट पर करीब 3 करोड़ रुपए की लागत आई। प्रखेपण के 17 साल बाद 11 फरवरी, 1992 को आर्यभट्ट पृथ्वी पर वापस आया। रिजर्व बैंक ने इस ऐतिहासिक दिन की याद में 1976 से 1997 तक 2 रुपए के नोट पर आर्यभट्ट की तस्वीर प्रकाशित की।

कुश्तीः रवि को स्वर्ण पदक

भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में अपना खिताब बरकरार रखा है। लेकिन कोहनी में चोट के कारण बजरंग पूनिया को फाइनल से हटना पड़ा, जिसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। रवि ने 57 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में ईरान के अलीरेजा नोसरातोलाह सरलॉक को 9-4 से हराया।
करण को कांस्य
इस बीच भारत के करण ने कोरिया के सेयुगबोंग ली पर 3-1 की जीत से 70 किग्रा का कांस्य पदक अपने नाम किया। लेकिन नरसिंह पंचम यादव (74 किग्रा) और सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) को सेमीफाइनल में शिकस्त झेलनी पड़ी।

पूर्व हॉकी अंपायर अनुपमा का निधन

पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर अनुपमा पंचिमांदा का कोरोना के कारण रविवार को बेंगलूरु में निधन हो गया। वह 40 वर्ष की थीं। राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी खिलाड़ी अनुपमा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हिस्सा ले चुकी हैं। अनुपमा के निधन पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोमबाम ने शोक जताया।

एस्टेरॉयड बेन्नू की सतह को ‘चोट’ पहुंचाई नासा के यान ने

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही तस्वीरें जारी की है। इनसे पता चला कि नमूने जुटाते समय एस्टेरॉयड ‘बेन्नू’ की सतह को नुकसान पहुंचा है। एस्टेरॉयड की सतह पर दबाव से हल्का गड्ढा हो गया है।
नासा ने 2019 और 2020 में बेन्नू पर ओसिरिस-रेक्स अंतरिक्ष यान भेजा था। 2019 में बेन्नू की तस्वीर ली गई, जबकि 2020 में यहां से नमूने संग्रहित किए गए। नमूने संग्रहण के बाद बेन्नू में आए परिवर्तन को जानने के लिए नासा ने 7 अप्रैल, 2021 को फिर अंतरिक्ष यान ओसिरिस-रेक्स भेजा। यान से ली गई बेन्नू की फोटो अब सामने आई है।
बाद बेन्नू में आए परिवर्तन को जानने के लिए नासा ने 7 अप्रैल, 2021 को फिर अंतरिक्ष यान ओसिरिस-रेक्स भेजा। यान से ली गई बेन्नू की फोटो अब सामने आई है।
रूस का मून मिशन इसी साल:
रूस इस साल अक्टूबर में अपना मून मिशन लॉन्च करेगा। लूना 25 नाम के लैंडर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने की योजना है।
2023 में लौटेगा ओसिरिस-रेक्स
ओसिरिस-रेक्स बेन्नू की सतह से लगभग 1 किलो वजनी नमूने लेकर मई में रवाना होगा और 2023 में पृथ्वी पर लौटेगा। बेन्नू से पृथ्वी की दूरी लगभग 29.3 करोड़ किलोमीटर है। बेन्नू के नमूनों का अध्ययन कर वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश में हैं कि सौर मंडल के ग्रह कैसे बने। अगर कोई एस्टेरॉयड पृथ्वी को खतरे में डालता है तो इससे कैसे बच सकते हैं।

चीन हॉट स्प्रिंग व गोगरा से फौज हटाने को तैयार नहीं

चीन ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग के संघर्ष वाले क्षेत्रों से अपनी फौज पीछे हटाने से इनकार कर दिया है। उसने तेवर बदलते हुए यहां तक कह दिया कि ‘भारत को जो कुछ हासिल हुआ है, उसे उससे खुश होना चाहिए।’ पिछले हफ्ते दोनों देशों के बीच 11वें दौर की कमांडर स्तरीय वार्ता में चीन ने साफ कहा कि वह इन इलाकों से पीछे नहीं हटेगा। उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक चीन ने पहले हॉट स्प्रिंग और गोगरा के पेट्रोलिंग प्वॉइंट 15 और 17एसेसेनापीछेहटाने पर सहमति जताई थी। अब वह चाहता है कि भारतीय सेना एलएसी के पास इन प्वॉइंट्स पर उसकी नई स्थिति को स्वीकार करे। वह इन इलाकों में अप्रेल 2020 से पहले की स्थिति पर जाने में आनाकानी कर रहा है। चीनी सेना गोगरा, हॉट स्प्रिंग और कोंगका ला क्षेत्र से अपने सैनिकों को रसद पहुंचाती है। गौरतलब है कि फरवरी माह में पैंगोंग झील से चीन व भारत की सेनाएं पीछे हट गई थीं।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री भूमिधर बर्मन का निधन

असम के पूर्व मुख्यमंत्री और सात बार के विधायक रहे डॉ. भूमिधर बर्मन का लंबी बीमारी के बाद गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। असम सरकार ने 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

ONE LINER QUESTION ANSWER

SUBJECT QUIZ

Leave a Reply