‘अडॉप्ट टू हैरिटेज’ योजना में राजस्थान के मण्डोर फोर्ट को लिया गोद

केन्द्र सरकार की ‘अडॉप्ट ए हैरिटेज’ स्कीम के तहत मॉन्यूमेंट्स पर सुविधाएँ बढ़ाने की पहल की गई थी। भारत सरकार की ‘अडॉप्ट ए हैरिटेज’ स्कीम के तहत देश के नामी मॉन्यूमेंट्स को गोद लेने की प्रक्रिया की रफ्तार फिलहाल कोरोना ने रोक दी है। अभी तक 12 सार्वजनिक व निजी संस्थाओं के 27 एम.ओ.यू. ही साइन हुए हैं, इसमें राजस्थान का मात्र एक मॉन्यूमेंट मंडोर फोर्ट ही शामिल है। जोधपुर स्थित मण्डोर दुर्ग में प्रतिहारों के बाद राठौड़ों का राज्य स्थापित हो गया था जो अभी जर्जर अवस्था में है। जयपुर के आस-पास अडॉप्ट हैरिटेज के तहत भानगढ़, आभानेरी और हर्षद माता मंदिर शॉर्टलिस्ट हुए हैं। ए.एस.आई. जयपुर चेप्टर के अधीक्षक पुरातत्व डॉ. प्रवीण सिंह ने बताया कि ए.एस.आई. के अधीन स्मारकों को ही अभी इस लिस्ट में रखा गया है। जयपुर के आस-पास तीन जगह मॉन्यूमेंट्स इसके तहत अडॉप्ट करने के प्रोसेस में हैं।

नीति आयोग की रिपोर्ट ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स एंड डैशबोर्ड 2020-21’ में राजस्थान 24वें स्थान पर

केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने 36 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार रिपोर्ट ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स एंड डैशबोर्ड 2020-21’ जारी की। इसमें राज्यों को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण के आधार पर 17 मानकों पर आंका गया है। केरल 100 में से 75 अंक हासिल कर दूसरे साल भी पहले पायदान पर रहा। केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ 79 अंक के साथ अव्वल है। हिमाचलतमिलनाडु दूसरे स्थान पर रहे। बिहार सबसे कम 52 अंक हासिल कर पिछले साल की तरह सबसे निचले स्थान पर है। साफ पानी तथा स्वच्छता पर गोवा और लक्षद्वीप को 100-100 अंक मिले हैं।

झुंझुनूं के मंडावा में इसी सत्र से शुरू होगा कृषि महाविद्यालय

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी बजट में की घोषणाओं को पूरा करने के लिए लगातार लगे हुए हैं। कोरोना में हर तरफ से बजट प्रभावित हो रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री अपने वादों पर खरा उतरते हुए अब एक के बाद एक बजट घोषणाओं को भी साथ ही साथ पूरा किया है। इसी क्रम में इसी साल बजट में झुंझुनूं के मंडावा में कृषि महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा भी पूरी हो गई है। इसी सत्र से यह महाविद्यालय शुरू होगा।

NOTES

देश का 50 प्रतिशत तांबा मिलता है खेतड़ी की खानों से

झुंझुनूं जिले के खेतड़ी और आस-पास के हिस्से में तांबे के अथाह भंडार हैं। यह पूरा क्षेत्र ताम्र नगरी कहलाता है और देश का 50 प्रतिशत तांबा खेतड़ी (झुंझुनूं) के पहाड़ियों से निकाला जाता है। इन पहाड़ियों में खनन हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड करती है। खेतड़ी की इस खान को खेतड़ी कॉपर कॉर्पोरेशन (के.सी.सी.) कहा जाता है। खेतड़ी व कोलिहान क्षेत्र में करीब 324 किमी के दायरे में 300 से अधिक भूमिगत खदानें हैं, जहाँ समुद्र तल से 102 मीटर की गहराई से तांबा निकाला जाता है। यहाँ से निकाले गए तांबे की गुणवत्ता के कारण यह लंदन मेटल एक्सचेंज की एग्रेड में शामिल है और इसी कारण देश में सुरक्षा उपकरण इसी तांबे से बनाए जाते हैं।
अब तक 5.41 करोड़ टन अयस्क हुआ उत्पादन
यहाँ 1972 से अब तक 5.41 करोड़ टन अयस्क का उत्पादन हुआ, जिसमें पाँच लाख टन तांबा मिला। वर्तमान में यहाँ 760 लाख टन अयस्क मौजूद होने का अनुमान है, जिसमें 1.2 प्रतिशत तांबा निकलेगा।

बच्चों की पहली ‘कैथ लैब’ बनी जोधपुर में

शहर में दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के लिए प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थान में बच्चों की पहली कैथ लैब बनकर तैयार है। मथुरादास माथुर अस्पताल कार्डियक-थोरेसिक ओपरेशन थिएटर के पास कैथ लैब का निर्माण किया गया। मथुरादास माथुर अस्पताल का यह पूरा भाग कार्डियक विंग के रूप में शुरू होने के बाद काम करेगा। यहाँ बच्चों के साथ हर आयु वर्ग के मरीजों का दिल सम्बंधी इलाज किया जाएगा। करीब 5 करोड़ की लागत से यह अत्याधुनिक कैथ लैब तैयार हुई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. आसेरी ने कहा कि दिल की बीमारी छोटे बच्चों में भी देखने को मिल रही है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में बच्चों की कैथ लैब नहीं होने से इलाज में देरी हो रही थी। मरीज को इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। जोधपुर को बच्चों की कैथ लैब मिली, जिसके लिए 5 करोड़ रुपए मिले थे।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया जोधपुर में 27 विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने निवास स्थान से जोधपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से जोधपुर में करीब 135 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत के 9 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 3 आवासीय योजनाओं का शुभारम्भ तथा 17 करोड़ 64 लाख रुपए की लागत से 15 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास श्री कुंजीलाल मीणा ने बताया कि नगरीय विकास विभाग प्रदेशभर में विभिन्न विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास कर रहा है। संभागीय आयुक्त एवं जोधपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने विकास कार्यों के सम्बंध में जानकारी दी। जिला कलक्टर जोधपुर श्री इन्द्रजीत सिंह ने आभार व्यक्त किया। जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त श्री कमर उल जमां चौधरी ने विकास कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। जोधपुर के बरकतुल्लाह खां स्टेडियम का भी 20 करोड़ रुपए की लागत से रिनोवेशन करवाया जा रहा है। इससे यहाँ बी.सी.सी.आई. के मापदण्डों के अनुरूप सुविधाओं का विकास होने के बाद इंटरनेशनल और आई.पी.एल. जैसे क्रिकेट मैचों का आयोजन हो सकेगा।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य को वर्ष 2021-22 के लिए 10 हजार 181 करोड़ रुपए आबंटित

राजस्थान में वर्ष 2024 तक हर घर नल से जल का सपना साकार करने की दिशा में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य को वर्ष 2021-22 के लिए 10 हजार 181 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं। हर घर नल से जल का लक्ष्य हासिल करने के लिए केंद्रीय अनुदान में चार गुना की बढ़ोतरी की गई है। जोधपुर सांसद और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान के हर घर को जल, मोदी सरकार का लक्ष्य है। वर्ष 201920 में राजस्थान को 1,301.71 करोड़ रुपए का केंद्रीय अनुदान जारी किया गया था। राज्य के पास उस समय 313.67 करोड़ रुपए का ओपनिंग बैलेंस भी मौजूद था। वर्ष 2020-21 में राज्य को 2,522.03 करोड़ रुपए का केंद्रीय अनुदान आबंटित किया गया लेकिन राजस्थान सरकार ने इसमें से केवल 630.51 करोड़ रुपए लिए। राज्य में जल जीवन वर्ष 2020-21 में राज्य में 20.70 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 6.81 लाख घरों में ही नल के पानी के कनेक्शन दिए जा सके। अब वर्ष 2021-22 के लिए राज्य ने 30 लाख घरों, वर्ष 2022-23 और वर्ष 202324 के लिए क्रमश: 35 लाख व 16.75 लाख घरों तक नल से पीने का पानी उपलब्ध करने की योजना बनाई है।

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